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व्रत-त्योहार
1 Mar 2023
संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत कार्तिक कृष्ण 4
Detailed Description
सूर्योदय के पहले उठकर स्नान कर लें. इस दिन पूरा दिन का उपवास रखा जाता है, शाम की पूजा के बाद भोजन ग्रहण करते है.
स्नान के बाद गणेश जी की पूज आराधना करें, गणेश जी के मन्त्र का उच्चारण करें.
पूरा दिन बिना पानी व खाने का उपवास रखा जाता है, जो ये कठिन उपवास नहीं कर सकता है, वह दिन में साबूदाना, आलू, मूंगफली, मिठाई खा सकता है.
शाम को चंद्रोदय के बाद पूजा की जाती है, अगर बादल के चलते चन्द्रमा नहीं दिखाई देता है तो, पंचांग के हिसाब से चंद्रोदय के समय में पूजा कर लें.
शाम के पूजा के लिए गणेश जी की मूर्ति के बाजु में दुर्गा जी की भी फोटो या मूर्ति रखें, इस दिन दुर्गा जी की पूजा बहुत जरुरी मानी जाती है.
मूर्ति/फोटो पर धुप, दीप, अगरबत्ती लगाएँ, फुल से सजाएँ एवं प्रसाद में केला, नारियल रखें.
गणेश जी के प्रिय मोदक बनाकर रखें, इस दिन तिल या गुड़ के मोदक बनाये जाते है,
गणेश जी के मन्त्र का जाप करते हुए कुछ मिनट का ध्यान करें, कथा सुने, आरती करें, प्रार्थना करें.
इसके बाद चन्द्रमा की पूजा करें, उन्हें जल अर्पण कर फुल, चन्दन, चावल चढ़ाएं.
पूजा समाप्ति के बाद प्रसाद सबको वितरित किया जाता है.
गरीबों को दान भी किया जाता है.
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